बड़ी खबर – देवारी मिलन व पुस्तक विमोचन समारोह का हुआ सफल आयोजन…….

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बड़ी खबर – देवारी मिलन व पुस्तक विमोचन समारोह का हुआ सफल आयोजन…….

कवर्धा- प्रदेश के सक्रिय व प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था भोरमदेव साहित्य सृजन मंच कबीरधाम के तत्वाधान में दिनाँक 17/11/2020 को देवारी मिलन व पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन राजनांदगांव जिले के पर्यटन स्थल डोंगेश्वर महादेव (चोड़रा धाम) में किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिराकला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के पूर्व प्रोफेसर, समालोचक व समीक्षक श्री डॉ. गोरेलाल चंदेल जी रहे । तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार, गीतकार श्री डॉ. पीसीलाल यादव जी, श्री विनयशरण सिंह जी (वरिष्ठ साहित्यकार खैरागढ़ ),श्री वीरेन्द्र चन्द्रसेन जी (वरिष्ठ गीतकार,कबीरधाम ),श्री घनश्याम सोनी जी ( वरिष्ठ साहित्यकार दुर्ग ) रहे । तथा ग्राम पंचायत जंगलपुर घाट के सरपंच श्रीमती कविता श्यामू मंडावी जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर हुआ। तत्पश्चात वरिष्ठ साहित्यकार बोधनराम निषाद जी के कृति भक्ति के मारग पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि के करकमलों से व उपस्थित कवियों, साहित्यकारों के बीच सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात डॉ. पीसीलाल यादव जी व श्री डॉ.गोरेलाल चंदेल जी द्वारा पुस्तक भक्ति के मारग का विस्तार पूर्वक समीक्षा किया गया । श्री चंदेल जी द्वारा प्रकृति को साहित्य में कैसे जोड़ सकते हैं व साहित्य लेखनी हम कैसे करें, देश काल, सामाजिक सुधार आदि इस विषय पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया गया । डॉ पीसीलाल जी द्वारा निबंध, बाल कविता, पद्य,गद्य आदि की लेखनी पर जोर देने के लिए उपस्थित कवियों को प्रोत्साहित किया गया । प्रसिद्ध रचना पिरकी ह घांव होगे चिरपरिचित अपने काव्य पाठ के माध्यम से आज की स्थिति ऊपर जोरदार प्रहार किया । श्री विनय शरण सिंह ने इस आयोजन की बधाई प्रेषित करते हुए सामाजिक बुराइयों पर अपनी हास्य व्यंग्य रचना के माध्यम से समाज को सचेत होने का संदेश दिया । गीतकार श्री चन्द्रसेन जी ने छत्तीसगढ़ माटी महिमा का बखान किया । आजादी से पहले देश की घटनाओं को तथा नशा मुक्ति ऊपर अपनी बेहतरीन गीतों के माध्यम से जागृत किया । श्री सोनी जी ने शासन प्रशासन और नक्सलवाद ऊपर जोरदार कविता के माध्यम से प्रहार किया । आज शासन, प्रशासन, समाज मे फैले भ्रष्टाचार, कालाबाजारी जैसे छुपे हुए नक्सलवाद पर विशेष रूप से ध्यानाकर्षण किया । दो सत्रों में आयोजित प्रथम सत्र का संचालन हास्य कवि,गीतकार श्री घनश्याम कुर्रे जी तथा द्वितीय सत्र काव्य गोष्ठी का संचालन गजलकार श्री कुंजबिहारी साहू जी द्वारा किया । आमंत्रित कवियों ने समाज सुधार, नशामुक्ति,माटी की महिमा, भ्रष्टाचार, आदि विषयों पर अपनी अपनी रचनाओं गीत, गजल, गद्य, पद्य आदि के माध्यम से सन्देश दिया । उपस्थित कवियों में श्री मिनेश साहू, श्री कुंजबिहारी साहू, ईश्वर साहू आरुग, हेमसिंग साहू, अश्वनी कोसरे, रिखी राम धुर्वे, देवचरण धुर्वे,कु.डेलिशा साहू, पारस जंघेल, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर, राजकुमार मसखरे, रामकुमार साहू, युगल किशोर लहरे, पवनकुमार साहू, युवराज साहू, एल के अनुराज,दिलीप पुडेती, श्रीमती पदमा साहू,घनश्याम कुर्रे,बोधनराम निषाद, गौकरण पटेल,चिंताराम ध्रुवे,दयाल दास जंघेल,पीताम्बर सिंह राजपूत,धर्मेंद्र डहरवाल,दिलीप कुमार,सुकालू,अनुज साहू,मुकेश साहू,दुजराम साहू, सहित पचास से अधिक कवियों ने काव्यपाठ किया।
इस कार्यक्रम के आयोजन में श्री राजकुमार मसखरे जी और श्री अनुज साहू जी का विशेष सहयोग रहा ।

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